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ये भ्रष्टाचार ........

Posted On: 7 Aug, 2013 Others,कविता में

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चाहे हम दूर करना भ्रष्टाचार

पर आदतों से हम सब लाचार

दोषी नहीं है केवल सरकार

हम भी उतने ही जिम्मेदार…..


पैसे की भूख का बोलबाला

जिससे इमान इन्सान का डोला

इमानदारी को राख कर डाला

देश को खोखला कर डाला…..


हर कोई करता यहाँ घोटाला

कहीं चारा तो कहीं कोयला

मिड डे मील भी बना विषैला

कितने मासूमों को मार डाला…….


प्राइवेट दफ्तर हो या सरकारी

हर जगह लेन-देन की मारामारी

दिखती नहीं कहीं भी इमानदारी

इस तरह फैल चुकी है ये महामारी……


न खत्म होगा ये किसी कानून से

करना होगा दहन इसका खुदी से

आज नहीं तो कल होगा इमानदारी से

कर लो मुक्त खुद को इस बिमारी से ……


प्रवीन मलिक ….

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4 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

yogi sarswat के द्वारा
August 8, 2013

हर कोई करता यहाँ घोटाला कहीं चारा तो कहीं कोयला मिड डे मील भी बना विषैला कितने मासूमों को मार डाला……. प्राइवेट दफ्तर हो या सरकारी हर जगह लेन-देन की मारामारी दिखती नहीं कहीं भी इमानदारी इस तरह फैल चुकी है ये महामारी… सुन्दर और सटीक शब्द आदरणीय परवीन मलिक जी !

    Malik Parveen के द्वारा
    August 22, 2013

    सादर धन्यवाद योगी जी ……

Madan Mohan saxena के द्वारा
August 7, 2013

वाह . बहुत उम्दा,सुन्दर व् सार्थक प्रस्तुति कभी यहाँ भी पधारें और टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें

    Malik Parveen के द्वारा
    August 22, 2013

    सादर धन्यवाद सक्सेना जी..


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