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बेनाम रिश्ते ...

Posted On: 16 May, 2013 Others में

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आज की इस मतलबी दुनिया में कुछ लोग आपको इतने अच्छे मिल जाते हैं की जिनसे कोई रिश्ता न होते हुए भी अपने से लगते हैं ! उनसे हम अपने दिल की हर बात कहते हैं और वो हमें जरुरत पड़ने पर हौसला अफजाई भी करते हैं … अपने इस मंच को ही ले लीजिये यहाँ हम किसी को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते फिर भी सबकी ख़ुशी और दुःख में साथ निभाते हैं …. कोई कभी कुछ समय दिखाई न दे तो चिंता हो जाती है ! बिना किसी स्वार्थ के एक दूसरे की मदद को हमेशा तैयार रहते हैं …. मेरी ये रचना उन सभी को समर्पित  है  जिन्होंने मुझे यथासंभव प्यार और सम्मान दिया ….


कुछ रिश्ते बेनाम होते हैं

लेकिन बड़े ही ख़ास होते हैं

पास न होकर भी पास होते हैं

जिंदगी के कारवां में हर पल

बिना मांगे ही साथ देते हैं

गम के अंधेरों के दरमियान

रौशनी का अहसास देते हैं

हमारे दिल की हर बात को

बिना कहे ही समझ लेते हैं

बिना किसी निज स्वार्थ के ही

दिल से रिश्ता निभाए जाते हैं

जहाँ खून के रिश्ते कभी-कभी

घावों से छलनी किये जाते हैं

वहीँ ऐसे बेनाम रिश्ते ही घावों पर

मरहम का काम किये जाते हैं

ये बेनाम रिश्ते दिल से जुड़े होते हैं

रिश्तों के दुनिया में ऐसे रिश्ते

दिलों के सरताज हुआ करते हैं

दुनिया की नजरो में जो टूट भी गए

फिर भी दिलों में सुरक्षित रहा करते हैं

ऐसे रिश्ते आम नहीं हुआ करते

बहुत ही मुश्किल से मिला करते हैं

एक बार मिल जाएँ तो फिर कभी न

जुदा हुआ करते हैं ………….

*************** प्रवीन मलिक ********************

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30 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

yogi sarswat के द्वारा
May 27, 2013

ये बेनाम रिश्ते दिल से जुड़े होते हैं रिश्तों के दुनिया में ऐसे रिश्ते दिलों के सरताज हुआ करते हैं दुनिया की नजरो में जो टूट भी गए फिर भी दिलों में सुरक्षित रहा करते हैं सत्य और सार्थक शब्द आदरणीय परवीन जी

Shweta के द्वारा
May 24, 2013

जहाँ खून के रिश्ते कभी-कभी घावों से छलनी किये जाते हैं वहीँ ऐसे बेनाम रिश्ते ही घावों पर मरहम का काम किये जाते हैं वास्तव में ये रिश्ते बड़े अनमोल होते हैं साथ ही हमें बड़े अज़ीज़ भी होते हैं बहुत ही प्यारी रचना

Aparajita के द्वारा
May 23, 2013

bahut acchhi rachna….

priti के द्वारा
May 23, 2013

दिल को छू गयी आपकी प्रस्तुति …….बधाई ! परवीन जी …..

sudhajaiswal के द्वारा
May 22, 2013

हमारे दिल की हर बात को बिना कहे ही समझ लेते हैं बिना किसी निज स्वार्थ के ही दिल से रिश्ता निभाए जाते हैं जहाँ खून के रिश्ते कभी-कभी घावों से छलनी किये जाते हैं वहीँ ऐसे बेनाम रिश्ते ही घावों पर मरहम का काम किये जाते हैं परवीन जी, सुन्दर रचना सुन्दर भाव के साथ, हार्दिक बधाई |

sonam saini के द्वारा
May 21, 2013

आदरणीय प्रवीन मैम नमस्कार :) खुबसुरत रचना …………

    Malik Parveen के द्वारा
    May 21, 2013

    धन्यवाद सोनम ….

sinsera के द्वारा
May 19, 2013

प्रिय प्रवीन जी, ये तो आपका बड़प्पन है, जो आपने इन अनदेखे अनजाने रिश्तों को इतना महत्व दिया , वर्ना आज की दुनिया में तो आस्तीनों में सांप भी पाए जाते हैं..

    Malik Parveen के द्वारा
    May 21, 2013

    सरिता जी नमस्कार , आस्तीन के सांप भी पाए जाते हैं लेकिन भगवान् की दुआ से आस्तीन के सांपो से पाला नहीं पड़ा …. PRAISE LORD ….. सादर धन्यवाद ..

jlsingh के द्वारा
May 19, 2013

वहीँ ऐसे बेनाम रिश्ते ही घावों पर मरहम का काम किये जाते हैं ये बेनाम रिश्ते दिल से जुड़े होते हैं रिश्तों के दुनिया में ऐसे रिश्ते दिलों के सरताज हुआ करते हैं बहुत ही सुन्दर भाव युक्त पंक्तियाँ! कुछ रिश्ते अनजान हुआ करते हैं!

    Malik Parveen के द्वारा
    May 21, 2013

    कुछ अनजाने भी ख़ास हुआ करते हैं …. सादर धन्यवाद जवाहर जी ..

Sumit के द्वारा
May 18, 2013
    Malik Parveen के द्वारा
    May 21, 2013

    धन्यवाद आपको पसंद नहीं सुमित भाई तो शुक्रिया :)

bhagwanbabu के द्वारा
May 18, 2013
    Malik Parveen के द्वारा
    May 21, 2013

    सादर धन्यवाद भगवान् बाबु जी …

shashi bhushan के द्वारा
May 18, 2013

आदरणीय परवीन जी, सादर ! “”ये बेनाम रिश्ते दिल से जुड़े होते हैं रिश्तों के दुनिया में ऐसे रिश्ते दिलों के सरताज हुआ करते हैं”" रिश्ता …. यानि सम्बन्ध ! सम्बन्ध…. यानि सम + बंध ! जो किसी न किसी समानता के आधार पर एक दूसरे के संग बंधे हों ! बहुत सुन्दर भाव भरी रचना !

    Malik Parveen के द्वारा
    May 21, 2013

    AADARNIYA SHASHIBHUSHAN JI SAADAR DHANYAVAAD ….

Charchit Chittransh के द्वारा
May 17, 2013

सच्चे रिश्तों की सच्चाई सामने लाती हुई सुन्दर रचना…..

    Malik Parveen के द्वारा
    May 21, 2013

    सादर धन्यवाद आदरणीय रचना को समय देने के लिए ….

omdikshit के द्वारा
May 17, 2013

आदरणीया प्रवीन जी, नमस्कार. बहुत मुश्किल से मिला करती हैं ,ऐसी रचनायें,बधाई.

    Malik Parveen के द्वारा
    May 21, 2013

    ॐ जी सादर धन्यवाद ….

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
May 16, 2013

जहाँ खून के रिश्ते कभी-कभी घावों से छलनी किये जाते हैं वहीँ ऐसे बेनाम रिश्ते ही घावों पर मरहम का काम किये जाते हैं ये बेनाम रिश्ते दिल से जुड़े होते हैं रिश्तों के दुनिया में ऐसे रिश्ते दिलों के सरताज हुआ करते हैं दुनिया की नजरो में जो टूट भी गए फिर भी दिलों में सुरक्षित रहा करते हैं ऐसे रिश्ते आम नहीं हुआ करते बहुत ही मुश्किल से मिला करते हैं एक बार मिल जाएँ तो फिर कभी न जुदा हुआ करते हैं बेनाम रिश्तों की अजीब दास्ताँ भाव पूर्ण अभिव्यक्ति सस्नेह बधाई जीती रहिये

    Malik Parveen के द्वारा
    May 21, 2013

    आदरणीय चाचा जी नमस्कार , आप YAHAN AAYE AUR APNA AASHIRWAAD DIYA USKE LIYE HARDIK DHANYAVAAD …

आर.एन. शाही के द्वारा
May 16, 2013

हम भी ऐसा ही आपके साथ हम-मंचीय रिश्ता निभाने के लिये फ़ेसबुक से इस कविता की कच्चे धागे की डोर पकड़ते यहाँ पहुँच गए, और निशा जी की तरह एक बड़ी जज़्बाती टिप्पणी लिखकर पोस्ट भी की । लेकिन लाहौल-विला-क़ुव्वत मैडम, मेरी टिप्पणी ग़ायब हो जाने के बाद याद आया कि आपकी पोस्ट पर दी गई प्रतिक्रिया बिना लाग-इन किये नहीं ठहरती । अब क्या करूँ ? वह लाइनें जो लिखी थीं, वह तो भूल गया । खैर, यदि सबकुछ याद आ गया तो इसी के नीचे एक बार फ़िर मुलाक़ात होगी । लेकिन भई वाह ! क्या जानदार भावनाएं व्यक्त की हैं आपने इन पंक्तियों में ! जिसकी तारीफ़ को लब्ज़ भी न मिलें … यानि, नाक़ाबिल-ए-तारीफ़ !! बधाई परवीन जी ।

    आर.एन. शाही के द्वारा
    May 16, 2013

    माफ़ करें, प्रतिक्रिया लाग-इन की वजह से नहीं बल्कि कनेक्शन ड्राप कर जाने के कारण हुई थी । धन्यवाद ।

    आर.एन. शाही के द्वारा
    May 16, 2013

    ( ग़ायब हुई थी ) ।

    Malik Parveen के द्वारा
    May 21, 2013

    आदरणीय शाही जी नमस्कार, होता है जी कई बार टिपण्णी गायब हो जाती है क्यूंकि नेट का कनेक्सन कई बार हवा में कहीं खो जाता है … फिर भी आप आये काछे धागे से बंधे हुए मेरे लिए बड़ी बात है … सादर धन्यवाद..

nishamittal के द्वारा
May 16, 2013

बहुत सुन्दर दिल को छूने वाली रचना,शयन ऐसे ही रिश्तों पर दुनिया की सच्चाई टिकी है बधाई आपको

    nishamittal के द्वारा
    May 16, 2013

    शायद पढ़ें कृपया

    Malik Parveen के द्वारा
    May 21, 2013

    निशा जी सादर धन्यवाद …


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